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रूबल चिंतन की दुनिया में नवाचार का एक महत्त्वपूर्ण नाम है। हिंदी अंग्रेजी में समान अधिकार से लेखन – कार्य करने वाली रूबल ने स्त्री विमर्श , फ़लस्तीन और साम्राज्यवाद और गांधी चिंतन जैसे आज के ज्वलंत मुद्दों पर गंभीरता…

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श्रुति कुशवाहा समकालीन काव्य परिदृश्य में एक ज़रूरी काव्य शख़्सियत हैं। श्रुति आज के अँधेरे समय को प्रश्नांकित करती हैं जहां आथिॅक विषमता में पिसते इंसान हैं। इसमें सिर्फ़ डरी और निर्भय स्त्रियां ही नहीं, अभागे , हारे पुरुष हैं…

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समकालीन कविता परिदृश्य में लीलाधर मण्डलोई एक महत्त्वपूर्ण नाम है। मण्डलोई के अभी तक ग्यारह काव्य संग्रह , छ: चयनित काव्य संग्रह, पांच खण्डों में डायरी, आलोचना ,यात्रा वृत्त्तांत , निबंध की पुस्तकों के साथ और कई सारी सम्पादित पुस्तकें…

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दिनेश कुमार कुशवाह नौवे दशक की कविता के प्रमुख कवि हैं। आप मूलत: प्रेम के कवि हैं जिनमें हिंदी काव्य- परम्परा की धड़कने गूंजती दीखती हैं। कविता के लिए कुशवाह कोई अतिरिक्त प्रयास नहीं करते बल्कि कविता उनके लिए स्वत:स्फूर्त…

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फाह्यान सिर्फ़ यात्री भर था या ज्ञान की खोज में और उसे बचाने को निकला एक दु:साहसिक नाविक का प्रतीक जिसने अपने उद्देश्य के लिए अपनी जान तक की परवाह न की? समकालीन कहानी के चचिॅत कथाकार तरुण भटनागर ने…

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