दमन , लूट व हमें बेसहारा कर देने वाले कितने भी प्रयास हों, हम जीवन के लिए लड़ते रहेंगे। बाढ़ हो या प्लेग , अकाल हो या प्राकृतिक त्रासदी या फिर सदियों तक चलने वाले अविराम युद्ध – इनमें कोई…
धूमिल, गोरख पाण्डे और मान बहादुर सिंह के बाद अष्टभुजा शुक्ल ऐसे कवि हैं जो अपने गंवई अंदाज़ में समय को ज़ुबान देते हैं। समाज के तल में बैठे दुख को वे छूते भर हैं कि वह व्यवस्था सामने आ…
प्रेम ध्रुपद एक प्रेम कविता है जिसे लीलाधर मण्डलोई ने पुकार संज्ञा से अभिहित किया है। देखा जाए तो यह एकायामी प्रेम कविता नहीं है, बल्कि यह सृष्टि का मेटाफर है । इसमें अव्यक्त – अदृश्य स्वप्न कामना की प्रार्थनाएं…
महात्मा गांधी ने तकरीबन एक लाख के ऊपर चिट्ठियां लिखीं। इन चिट्ठियों से गुज़रने पर ज्ञात होता है कि गांधी जी देश की आज़ादी के साथ विश्व – शांति के लिए कितने चिंतित रहते थे। महान लेखक लेव तोल्स्तोय को…
ज्ञानरंजन, काशीनाथ सिंह, दूधनाथ सिंह, विजयमोहन सिंह और रवीन्द्र कालिया की कथा पीढ़ी के बाद जो कथा पीढ़ी कथा का बदलाव लेकर आई – असग़र वजाहत उनमें सबसे महत्त्वपूर्ण नाम हैं। असग़र वजाहत छोटी कहानियों के लिए विख्यात हैं जिनको…
