यतीन्द्र मिश्र कविता के साथ कला के विभिन्न अनुशासनों पर क़लम चलाते रहे हैं। गिरिजादेवी, उस्ताद बिस्मिल्लाह ख़ां ,बेगम अख़्तर , लता मंगेशकर और गुलज़ार पर आपकी बहुचर्चित पुस्तकें हैं। फ़िल्म और साहित्य के कई महत्त्वपूर्ण पुरस्कारों से नवाजे गए…
पद्मा शर्मा की यह कहानी यौन शोषण के विरोध की कहानी है जिसे लेखिका ने आज़ादी की संज्ञा दी है। यह आज़ादी कितनी दीर्घजीवी है – यह विचारणीय पक्ष है । किन्तु लेखिका की क़लम की सराहना करनी ही होगी…
दमन , लूट व हमें बेसहारा कर देने वाले कितने भी प्रयास हों, हम जीवन के लिए लड़ते रहेंगे। बाढ़ हो या प्लेग , अकाल हो या प्राकृतिक त्रासदी या फिर सदियों तक चलने वाले अविराम युद्ध – इनमें कोई…
धूमिल, गोरख पाण्डे और मान बहादुर सिंह के बाद अष्टभुजा शुक्ल ऐसे कवि हैं जो अपने गंवई अंदाज़ में समय को ज़ुबान देते हैं। समाज के तल में बैठे दुख को वे छूते भर हैं कि वह व्यवस्था सामने आ…
प्रेम ध्रुपद एक प्रेम कविता है जिसे लीलाधर मण्डलोई ने पुकार संज्ञा से अभिहित किया है। देखा जाए तो यह एकायामी प्रेम कविता नहीं है, बल्कि यह सृष्टि का मेटाफर है । इसमें अव्यक्त – अदृश्य स्वप्न कामना की प्रार्थनाएं…
