भारत में स्त्री – प्रश्नों पर चिंतन के संदर्भ में कई रचनाकारों का नाम लिया जाता है जिन्होंने अपने – अपने समय में स्त्री की स्थिति के संदर्भ में कई महत्त्वपूर्ण कार्य एवं लेखन किया । एम.एन.रॉय ऐसे ही एक…

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महाराष्ट्र के लातूर नामक शहर के निवासी, भारत के जाने माने दलित चिंतक, लेखक,अनुवादक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ सूर्यनारायण रणसुभे की हाल में प्रकाशित उनके संस्मरणों का संग्रह ‘शब्द संस्कृति के मेले में को लेकर लेखकीय वक्तव्य और वरिष्ठ आलोचक…

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हिन्दी साहित्य और कला-संस्कृति के परिदृश्य में अशोक वाजपेयी एक ऐसी बहुआयामी शख्सियत हैं, जिन्होंने केवल कविता के क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि आलोचना, संपादन और सांस्कृतिक प्रशासन में भी अपनी गहरी छाप छोड़ी है। उनका महत्त्व इस बात में…

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रेमंड कार्वर अमेरिकी कथा लेखन में एक ज़रूरी नाम हैं। 1938 में जन्मे कार्वर नव यथार्थवाद New Realism को नया भावबोध देने के लिए जाने जाते हैं। आपके प्रसिद्ध कथा संग्रह हैं : Will you please Be Quiet ,Please ,…

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कुंदनसिंह परिहार हिंदी कहानी के सातवें दशक के महत्त्वपूर्ण कथाकारों में गिने जाते हैं। आपकी रचनाओं में व्यंग्य की एक ऐसी छुपी कटार है जो छल-छद्म विसंगतियों को छिन्न- भिन्न कर देती है। आपकी रचनाएं सीधी- सरल दिखती हैं ,…

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