समकालीन हिंदी कविता में रंजना मिश्र का योगदान उन विरल आवाज़ों में से है, जो शास्त्रीय संगीत की गहन साधना को स्त्री-संवेदना की तरल अभिव्यक्ति से जोड़कर एक नई ‘नाद-भाषा’ की सृष्टि करती हैं। उनकी रागाधारित कविताएँ—‘राग अल्हैया बिलावल’, ‘राग…
कल्पना मनोरमा समकालीन कहानी एवम् कविता की दुनिया का एक ज़रूरी नाम हैं। आपकी – कब तक सूरजमुखी बनें हम, मौन के विरुद्ध, एक दिन का सफ़र महत्त्वपूर्ण पुस्तकें हैं। संस्कृत और हिंदी में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली कल्पना…
हरि भटनागर अपने कथा साहित्य के माध्यम से प्रेमचन्द और रेणु के कथासाहित्य की परम्परा की रचनात्मक ज़मीन पर खड़े होकर उसका विकास करने वाले अत्यंत महत्त्वपूर्ण कहानीकार और उपन्यासकार हैं। वे हिंदी कथा-साहित्य के उन विरल रचनाकारों में हैं…
भारत में स्त्री – प्रश्नों पर चिंतन के संदर्भ में कई रचनाकारों का नाम लिया जाता है जिन्होंने अपने – अपने समय में स्त्री की स्थिति के संदर्भ में कई महत्त्वपूर्ण कार्य एवं लेखन किया । एम.एन.रॉय ऐसे ही एक…
महाराष्ट्र के लातूर नामक शहर के निवासी, भारत के जाने माने दलित चिंतक, लेखक,अनुवादक एवं सामाजिक कार्यकर्ता डॉ सूर्यनारायण रणसुभे की हाल में प्रकाशित उनके संस्मरणों का संग्रह ‘शब्द संस्कृति के मेले में को लेकर लेखकीय वक्तव्य और वरिष्ठ आलोचक…
