समकालीन लेखन में ज्ञान चतुवेॅदी एक महत्त्वपूर्ण नाम है। ज्ञान चतुवेॅदी हँसने – गुदगुदाने के लिए नहीं लिखते – उनकी रचनाएं हमें चेतनासम्पन्न करती हैं, सोचने को विवश करती हैं । समय की विद्रूपता को बेबाकी से लिखना ज्ञान चतुवेॅदी…

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हरेप्रकाश उपाध्याय समकालीन युवा कविता का एक चमकता नाम है। हरेप्रकाश के अभी तक चार काव्यसंग्रह और एक उपन्यास प्रकाशित हैं। उपन्यास ‘बखेड़ापुर’ पिछले वर्षों काफी चर्चा में रहा और पुरस्कृत। हरेप्रकाश जीवन से विचार की यात्रा को तरजीह देते…

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नरेश चंद्रकर की इन नम कविताओं में अदृश्य उदासी के बीच स्मृतियों में बीता समय ,लोग और जगहें आज में जीवंत हैं।मैं जैसे कवि की बंद आंखों से देखता हूं कि वहां प्रेम कृष्ण रंग में है।वह लेकिन आने में…

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प्रेमकुमार मणि कथाकार के साथ राजनीतिकमीॅ भी हैं।हिंदी कथा लेखन के साथ आप  वैचारिक लेखन के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय हैं। हाल ही में आपकी ‘अकथ कहानी’ आत्मकथा प्रकाशित होकर आई है। इस आत्मकथा में मणि के जीवन के अजाने…

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यह किताब दो खंडों में है। पहले खंड में आर.बी. मोरे की आत्मकथा है, जो अधूरी है। अपनी आत्मकथा पूरी करने से पहले ही उनकी मृत्यु हो गई। बाद में उनके बेटे सत्येन्द्र मोरे, जो खुद सीपीआई(एम) के महत्त्वपूर्ण नेता…

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