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 रोहिणी अग्रवाल हिंदी आलोचना की शीर्षस्थ हस्ताक्षर हैं। आलोचना में आपने जो रचा है, बेबाक दृष्टिसम्पन्नता  का विरल उदाहरण है। जयशंकर प्रसाद की ‘कामायनी’ पर लिखा यह लेख मुक्तिबोध के सोच के आगे की वैचारिकी को वाद- संवाद का स्पेस…

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  -अनिल जनविजय बीसवीं सदी के चौथे दशक के अन्त में मसक्वा (मास्को) में एक वयोवृद्ध महिला रहती थीं। अक्सर बहुत से लेखक, साहित्यकार और विद्वान उनसे मिलने आते रहते थे। इन सभी लोगों के बीच आम तौर पर च्येख़फ़…

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  -वैभव सिंह गैब्रियल गार्सिया मार्खेज कोलंबिया के नोबल पुरस्कार प्राप्त लेखक थे जिनका विगत 17 अप्रैल 2014 निधन हो गया। स्पेनी भाषा में लिखने वाले मार्खेज के लेखन को जादुई यथार्थवाद के नाम से जाना जाता है पर जादुई…

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कहानी कर्नल अजय सिंह, अपार्टमेंट के जाने-पहचाने चेहरा थे। उनके सिर पर जमी रहने वाली टोपी, बिलाते बालों को अदृश्य रखने में सहयोग करती। लम्बा कद, मजबूत काठी, घनी लम्बी मूंछो की नोकें ऐंठी और उठी रहतीं। रिटायरमेंट के बाद…

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अकाल और संघर्ष लेखक- हेनरी त्रोयत – अनुवाद – रूपसिंह चन्देल ’दि क्रुट्जर सोनाटा’ के विस्फोट के बाद दम्पति के संबन्ध सांत्वनाप्रद प्रयत्नों के बावजूद बिगड़ चुके थे. विवाह में शुद्धता या ब्रह्मचर्य व्रत की उद्घोषणा के बाद भी तिरसठ…

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