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आख़िरी मादा -नरेंद्र प्रताप सिंह           उसने फुसफुसाकर कहा – उन्होंने रेशमी को पकड़ लिया है और अपने साथ ले गए ।देखने से ही उसके चेहरे पर घबराहट और भय का ऐसा लेप था कि समोध भी उलझन में पड़…

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दो गज़ की दूरी -ममता कालिया पहले उन्होंने कुछ देर इस पर बहस की थी कि खाना यहीं कमरे में मंगवा लिया जाय या डाइनिंग हॉल में चला जाय। समिधा ने कहा, ‘यहीं मंगा लो। मुझे ज्यादा भूख नहीं। मैं…

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नदी का तीसरा किनारा -मूल लेखक : जोआओ गुइमारेस रोसा -अनुवाद : सुशांत सुप्रिय पिता एक ज़िम्मेदार , भरोसे के क़ाबिल और व्यावहारिक आदमी थे । बचपन से ही वे ऐसे ही थे । जब मैंने पिता को जानने वाले…

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सुखी राजकुमार -मूल लेखक : ऑस्कर वाइल्ड -अनुवाद : सुशांत सुप्रिय शहर से बहुत ऊँचाई पर एक लम्बे स्तम्भ पर सुखी राजकुमार की मूर्ति खड़ी थी । उसकी पूरी मूर्ति पर सोने का पानी चढ़ा हुआ था । मूर्ति की…

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सकरिया रहता किस देश में है -अमिताभ मिश्र बीस साल पहले लिखी एक कविता से बाहर निकल कर सकरिया एकदम मेरे सामने खड़ा हो गया। वह सकरिया जो छककर दारू, ताड़ी पीता, वह सकरिया जो रोज अपने पेट का गड्ढा…

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