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मालवा अंचल में आज भी स्त्रियां कड़ियां पहनती हैं। यह गहना भी हैं और मुसीबत के समय का आथिॅक सहारा। कभी – कभी यह गहना घोर मुसीबत का सबब बन जाता है जब कोई सिरफिरा लालच में यह गहना पाने…

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अंजली काजल समकालीन कथा लेखन में एक युवा नाम है। आपने ज़्यादातर पीड़ा पा रही स्त्री को केन्द्र में रखकर कहानियां लिखी हैं लेकिन जो भी लिखी हैं – नायाब। आपकी कहानियों का कविता भनोट ने अंग्रेजी में अनुवाद किया…

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रवीन्द्र स्वप्निल प्रजापति समकालीन युवा कविता के अत्यंत ही प्रतिभाशाली कवि हैं। स्वभाव से औघड़ दिखने वाले रवीन्द्र में सूफ़ी काव्य – परम्परा जीवंत दीखती है। आप विदिशा में रहते हुए भी विदिशा में नहीं रहते। बहुत मुश्किल इनको पाया…

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प्रकाशकांत आठवें दशक के एक महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। आपके चार उपन्यास और चार कथा संग्रह भारी चर्चा में रहे। कवि नईम के बहाने देवास पर आपकी  संस्मरण की एक पुस्तक है जो अपने सुंदर गद्य के लिए काफ़ी सराही गई। …

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बहादुर पटेल समकालीन युवा कविता के प्रमुख नाम हैं। खातेगाँव, देवास में भू-राजस्व विभाग से जुड़े बहादुर पटेल ओटला साहित्यिक संस्था से सम्बद्ध हैं जो पाठ परम्परा को जीवित रखने के प्रयास में लगी है। बहादुर पटेल मालवा की माटी…

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