आज हम ऐसे संकट के दौर से गुज़र रहे हैं जहां हमारा हमसे सब कुछ छीन लिया जा रहा है – हमारी स्थानीयता ,हमारी बोली – बानी। कौन है जो हमें हमारी धरती से हकाल रहा है प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप…
दारा शिकोह मुग़ल बादशाह शाहजहां के बड़े बेटे थे। उनका जन्म 1615 में अजमेर के तारागढ़ क़िले में हुआ था। युवा काल से ही दारा शिकोह को सूफ़ियों, संतों और आध्यात्मिक परम्परा में गहरी दिलचस्पी थी। सिरेॅ अकबर नाम से…
मालवा अंचल में आज भी स्त्रियां कड़ियां पहनती हैं। यह गहना भी हैं और मुसीबत के समय का आथिॅक सहारा। कभी – कभी यह गहना घोर मुसीबत का सबब बन जाता है जब कोई सिरफिरा लालच में यह गहना पाने…
अंजली काजल समकालीन कथा लेखन में एक युवा नाम है। आपने ज़्यादातर पीड़ा पा रही स्त्री को केन्द्र में रखकर कहानियां लिखी हैं लेकिन जो भी लिखी हैं – नायाब। आपकी कहानियों का कविता भनोट ने अंग्रेजी में अनुवाद किया…
रवीन्द्र स्वप्निल प्रजापति समकालीन युवा कविता के अत्यंत ही प्रतिभाशाली कवि हैं। स्वभाव से औघड़ दिखने वाले रवीन्द्र में सूफ़ी काव्य – परम्परा जीवंत दीखती है। आप विदिशा में रहते हुए भी विदिशा में नहीं रहते। बहुत मुश्किल इनको पाया…
