इधर की कविता में ख़ासतौर से स्त्री – जीवन को प्रश्नांकित करने वाले रचनाकारों में आरती एक…
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कृष्ण कल्पित समकालीन रचना – परिदृश्य में एक ऐसा नाम हैं जो समय की क्रूर सच्चाई को…
मुंशी प्रेमचंद के बाद जो कथा पीढ़ी सक्रिय रही, उनमें अज्ञेय, इलाचंद्र जोशी, उपेन्द्रनाथ अश्क के साथ…
विनोद कुमार शुक्ल समकालीन साहित्यिक परिदृश्य में एक समादृत नाम हैं। आपने अपनी लेखन – शैली विकसित…
गोलेन्द्र पटेल को मैं पहली बार पढ़ रहा हूं। पढ़ते ही लगा कि किसान – मजूर चेतना…
लेव तोलस्तोय की एक कहानी है – इवान इल्यीच की मृत्यु। यह कहानी मृत्यु की भयावहता की…
रचना किसी भी काल -खण्ड की हो सकती है लेकिन उसमें तत्कालीन जीवन का प्रतिबिम्ब होना ज़रूरी…
स्त्री हर काल में उपेक्षित और तिरस्कृत रही। ऐसा माना जाता है कि स्त्रीवादी दृष्टिकोण ही था…
तकनीक और भीड़ के इस दौर में अकेलापन एक सार्वभौमिक अनुभव बन चुका है। साहित्य के साथ…
मिलान कुंदेरा चेकोस्लोवाकिया के ब्रनो में 1अप्रैल1929 में जन्मे चचिॅत उपन्यासकार हैं। 1975 में अपनी विरोधी विचारधारा…
