कैलाश बनवासी नौवे दशक के अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण कथाकार हैं। कैलाश की कहानियों से गुज़रें तो स्पष्ट होता है कि वे वंचित समाज के प्रति गहरी सहानुभूति रखने वाले उसकी पीड़ा के गायक हैं। प्रारम्भिक कहानी ‘कुकरा कथा’ से लेकर…

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तरुण भटनागर हिंदी कथा के नौवे दशक के बाद की पीढ़ी के सबसे प्रतिभाशाली कथाकार हैं। चार उपन्यास जिनमें एक शीघ्रप्रकाश्य है तथा कई कथा संग्रह तरुण के छप चुके हैं जो पाठकों के बीच भारी चर्चा के साथ उनके…

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पाण्डेय शशिभूषण शीतांशु हिंदी आलोचना का एक प्रतिष्ठित नाम है। 1941 में जन्मे शीतांशु वादमुक्त आलोचना के पर्याय हैं । आपने डा. रामविलास शर्मा या डा. नामवर के नक्शेक़दम पर न चलकर अपनी विवेकदृष्टि से जीवन के साथ चलकर आलोचना…

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समकालीन लेखन में ज्ञान चतुवेॅदी एक महत्त्वपूर्ण नाम है। ज्ञान चतुवेॅदी हँसने – गुदगुदाने के लिए नहीं लिखते – उनकी रचनाएं हमें चेतनासम्पन्न करती हैं, सोचने को विवश करती हैं । समय की विद्रूपता को बेबाकी से लिखना ज्ञान चतुवेॅदी…

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हरेप्रकाश उपाध्याय समकालीन युवा कविता का एक चमकता नाम है। हरेप्रकाश के अभी तक चार काव्यसंग्रह और एक उपन्यास प्रकाशित हैं। उपन्यास ‘बखेड़ापुर’ पिछले वर्षों काफी चर्चा में रहा और पुरस्कृत। हरेप्रकाश जीवन से विचार की यात्रा को तरजीह देते…

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