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कुशल सम्पादक के साथ हरेप्रकाश उपाध्याय दृष्टिसम्पन्न कवि हैं। लोक से अपनी खुराक लेने वाले हरेप्रकाश लगातार जागरूक हैं और समय – समाज के बांकपन को कवित्त का रूप देते हैं जिसमें कहीं वाचालता नहीं , वरन एक ख़ामोशी है…

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  राकेश बिहारी कथाकार के साथ कथालोचना का एक बड़ा नाम है। संवेद और रचना समय के कथा विशेषांक आपके सम्पादन कौशल के साथ आलोचना – दृष्टि को रेखांकित करते हैं जिसके लिए आपको महत्त्वपूर्ण पुरस्कारों से नवाजा गया है।…

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एनडीटीवी इंडिया में काम करने वाली पूनम अरोड़ा समकालीन कविता का एक चमकता नाम हैं। पूनम ने कई महत्त्वपूर्ण कहानियां लिखी हैं और उपन्यास। साहित्य के क्षेत्र में महती योगदान के लिए आपको फिक्की यंग अचीवर पुरस्कार से सम्मानित भी…

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माताचरण मिश्र ने कम कहानियां लिखीं लेकिन जो भी लिखीं,नायाब हैं। नायाब इस मानी में कि उन्होंने सनसनी को मुद्दा नहीं बनाया। उन विषयों को चुना जो आज के समय की ज़रूरत हैं और आज जो इंसान का नसीबा हैं।…

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निरंजन श्रोत्रिय नौवे दशक के अग्रणी कवियों में हैं। निरंजन की वगीॅय दृष्टि स्पष्ट है और वे अथाह जल के तल में बैठे विरूप को सामने ला देते हैं जो हमारी चेतना को छिन्न- भिन्न कर रहा है। वे आज…

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