चित्रा सिंह की प्रस्तुत कविताएं प्रेम के विविध शेड्स को अभिव्यक्ति देती हैं। प्रेम में जहां गहरी आसक्ति है,लगाव है , वहीं विछोह है और उसकी पीड़ा। लेकिन पीड़ा को चित्रा सिंह मुक्ति की संज्ञा देती हैं जिसमें वे टूटती…

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मुंशी प्रेमचंद के पुत्र एवं प्रसिद्ध रचनाकार श्रीपत राय ने आंचलिक उपन्यासों, ख़ासकर रेणु के उपन्यासों के बारे में कहा था कि अपने रूप – विधान और दृश्यों में वे हमें इस क़दर घेर लेते हैं कि विषय- वस्तु या…

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व्यंग्य रचना वही अर्थपूर्ण होती है जो गहरी करुणा – पैथाज़ से हमें भर दे। उसकी भूमिका सुलाने की नहीं, वरन् चेतनासम्पन्न करने की होती है। मलय जैन की प्रस्तुत रचना हमें गहरी पीड़ा से आहत कर देती है जब…

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श्याम अविनाश हिन्दी कविता के आठवें दशक के महत्त्वपूर्ण कवि हैं। प्रकृति के विविध रूपों के माध्यम से आप जीवन – स्थितियों को उसकी मूक उदासी को बारीकी से चित्रित करते हैं। जीवन के शाश्वत प्रश्नों के साथ प्रकृति का…

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संजय कुंदन एक दृष्टिसंपन्न कवि हैं। समय के विद्रूप को वे हँस – हँस के मज़े ले लेकर उधेड़ देते हैं। वे सचेत कवि हैं पैनी निगाह वाले। हर जगह कविता का स्पेस बना देते हैं। संजय कुंदन को पढ़ते…

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