एक पत्ता चांद – भालचंद्र जोशी की कहानी है लेकिन यह कहानी के वर्तमान पाठ से असहमत…
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प्रसिद्ध आलोचक एवं कथाकार – उपन्यासकार वैभव सिंह का हाल ही में ‘अनुमतिपत्र’ नाम से उपन्यास वाणी…
कहा जाता है, इंसान के लिए पृथ्वी में जगह की कमी नहीं है लेकिन मनुष्य की ईर्ष्या…
अरुण आदित्य समकालीन कविता का विश्वसनीय जनवादी स्वर है। उनकी कविताओं में हमारे निष्करुण और हिंसक समय…
हिन्दी सिनेमा में घोर रूमानियत और विशुद्ध मनोरंजन की फ़िल्मों के बावजूद विचार के स्तर पर कुछ…
‘गुम ख़ज़ाना’ एक ऐसे कलाप्रेमी संग्रहकर्ता की कहानी है जो अपनी आंखों की ज्योति खो बैठा है…
‘ मध्य लय में रक्त सूर्य ‘ लीलाधर मण्डलोई की लम्बी कविता है। राम की शक्ति पूजा…
चित्रा सिंह की प्रस्तुत कविताएं प्रेम के विविध शेड्स को अभिव्यक्ति देती हैं। प्रेम में जहां गहरी…
मुंशी प्रेमचंद के पुत्र एवं प्रसिद्ध रचनाकार श्रीपत राय ने आंचलिक उपन्यासों, ख़ासकर रेणु के उपन्यासों के…
व्यंग्य रचना वही अर्थपूर्ण होती है जो गहरी करुणा – पैथाज़ से हमें भर दे। उसकी भूमिका…
