सकरिया रहता किस देश में है -अमिताभ मिश्र बीस साल पहले लिखी एक कविता से बाहर निकल…
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प्रांजल धर की कविताएँ गुनाह था (अरुण कमल, राजेश जोशी, लीलाधर मंडलोई, जितेन्द्र श्रीवास्तव, संजय मिश्र, वाज़दा…
कला साहित्य और वर्तमान विसंगति -अच्युतानंद मिश्र दुःख, करुणा, प्रेम, बिडम्बना, विषाद, त्रासदी और नाटकीयता- ये…
चौरी चौरा विद्रोह और स्वाधीनता संग्राम -सुभाष चन्द्र कुशवाहा (प्रस्तुत आलेख मेरी पुस्तक-‘चौरी चौराःविद्रोह और स्वाधीनता आन्दोलन’…
मीर : आपबीती से जगबीती तक -लीलाधर मंडलोई गयी वो बात कि हो, गुफ़्तगू तो क्यूं कर…
मृत्यु जहाँ ढाई हज़ार फीट लगभग लम्बी लेकिन बहुत साधारण सी वादी ख़त्म होती है, वहाँ से…
अयप्पन -मुकेश वर्मा जंगल की रात है। अयप्पन तेज कदमों से चलता चला जा रहा है। तेज…
राख में दबी चिंगारी -अरविंद कुमार सिंह विनय की मौत से मुझे गहरा सदमा लगा। उसकी जेब…
टूटी परिधि का वृत्त -उपासना रात आसमान को आगोश में कसती जा रही थी। अमरूद की…
ब्रज श्रीवास्तव की कविताएं 1 माँ की ढोलक ढोलक जब बजती है तो जरूर पहले वादक के…
