डाॅ. तबस्सुम बेग़म हिंदी आलोचना का एक युवा नाम है। आपने हैदराबाद विश्ववविद्यालय से पीएच -डी की…
आलेख
“नकारती हूं निर्वासन” प्रभा मुजुमदार लिखित कविता संग्रह मनुष्य के भाव जगत, सामाजिक अंतर्विरोधों, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक…
पाण्डेय शशिभूषण शीतांशु हिंदी आलोचना का एक प्रतिष्ठित नाम है। 1941 में जन्मे शीतांशु वादमुक्त आलोचना के…
समकालीन लेखन में ज्ञान चतुवेॅदी एक महत्त्वपूर्ण नाम है। ज्ञान चतुवेॅदी हँसने – गुदगुदाने के लिए नहीं…
प्रेमकुमार मणि कथाकार के साथ राजनीतिकमीॅ भी हैं।हिंदी कथा लेखन के साथ आप वैचारिक लेखन के क्षेत्र…
यह किताब दो खंडों में है। पहले खंड में आर.बी. मोरे की आत्मकथा है, जो अधूरी है।…
डा. नामवर सिंह भारतीय साहित्यिक आलोचना के शीर्ष पुरुष थे। 28 जुलाई 1926 को वाराणसी में जन्मे…
लीलाधर मण्डलोई समकालीन कविता या यूं कहें अरुण कमल, मंगलेश डबराल, राजेश जोशी ,उदय प्रकाश की पीढ़ी…
दिनेश कुशवाह समकालीन काव्य – परिदृश्य में एक ज़रूरी कवि हैं। दिनेश आज के समय में पीड़ा…
मुंशी प्रेमचंद के बाद जो कथा पीढ़ी सक्रिय रही, उनमें अज्ञेय, इलाचंद्र जोशी, उपेन्द्रनाथ अश्क के साथ…
