रेमंड कार्वर अमेरिकी कथा लेखन में एक ज़रूरी नाम हैं।
1938 में जन्मे कार्वर नव यथार्थवाद New Realism को नया भावबोध देने के लिए जाने जाते हैं। आपके प्रसिद्ध कथा संग्रह हैं : Will you please Be Quiet ,Please , What We Talk About When We Talk About Love और Cathedral। आप कवि भी थे। 1983 में आपको मिलड्रेड और हेरोल्ड स्ट्रास लिविंग एवार्ड मिला जिसमें आपको पांच वर्षों तक 35000 डालर का वजीफा प्रदान किया गया।
यहां कार्वर की एक कहानी ‘What We Talk About When We Talk About love’ प्रस्तुत की जा रही है जिसका अंग्रेजी से अनुवाद प्रसिद्ध कवि एवं कथाकार अशोक शाह ने किया है।
कहानी ‘प्रेम’ शब्द के कई स्तरों पर संतरण करती दीखती है। लोग प्रेम शब्द को अपनी ज़ुबान पर तो लाते हैं लेकिन उसका अर्थ हर किसी के लिए अलग – अलग होता है।
बहरहाल, पाठक कहानी पढ़ेंगे और अपने विचार साझा करेंगे – अनुरोध।
-हरि भटनागर
अंग्रेजी से अनुवाद : अशोक शाह
मेरा मित्र मेल मैकगिनिस बतिया रहा था । वह हृदयरोग विशेषज्ञ है और यह कभी कभी उसे सच साबित कर देता है।
हम चारों उसके किचन टेबल के पास बैठकर जिन पी रहे थे। सिंक के पीछेवाली बड़ी खिड़की से आ रही सूर्य की रौशनी से किचन में उजाला फैल गया था। हम चार थे – मैं, मेरी पत्नी लौरा और मेल के साथ उसकी दूसरी पत्नी टैरेसा जिसे हम टैरी कहते हैं। उस समय हम लोग एल्बकरकी में रहते थे लेकिन हम सभी कहीं और से आए थे।
टेबल पर बर्फ़ की बाल्टी रखी थी । जिन और पौष्टिक पानी टेबल पर सबकी ओर बारी-बारी से घूम रहा था और पता नहीं कैसे हमलोग प्यार के विषय में बात करने लगे। मेल का कहना था कि सच्चा प्यार, आध्यात्मिक प्यार से कम नहीं होता।
उसने बताया कि मेडिकल स्कूल में जाने से पहले उसने पाँच वर्ष पादरियों के शिक्षण संस्थान में बिताये थे। जब वह पीछे घूमकर उन वर्षों को याद करता है तो उसे लगता है कि उस पाठशकला में बिताए गए वर्ष उसके जीवन के सबसे महत्त्वपूर्ण वर्ष हैं।
टैरी ने कहा कि मेल के पहले जिस आदमी के साथ रहती थी वह इतना प्यार करता था कि उसने उसे जान से मारने की कोशिश की ।
टैरी ने कहा, ‘‘ उसने एक रात मुझे बहुत पीटा। मेरी एड़ियाँ पकड़कर बैठकखाने में मुझे चारों तरफ़ खींचता वह कहता रहा -‘‘ मैं तुमसे प्यार करता हूं, तुम्हें प्यार करता हूं, वो कुतिया ! ’’ वह मुझे बैठकखाने में घसीटता रहा, मेरा सिर बैठकखाने में रखी वस्तुओं से बार-बार टकरा रहा था।’’ टैरी ने टेबल के चारों तरफ़ देखा ,‘‘इस तरह के प्यार को तुम लोग क्या कहोगे ?’’
गहरी आँखें, पीठ तक लटकते हुए भूरे बालों वाली अत्यंत दुबली-पतली पर वह सुंदर औरत थी। उसे फिरोजा के हार और कानों में लटकती हुई बालियाँ पसंद थीं।
‘‘ हे ईश्वर, इतना मूर्ख मत बनों, तुम जानती हो कि वह प्यार नहीं है’’, मेल ने कहा।
‘‘ मुझे नहीं पता कि तुमलोग क्या कहोगे, लेकिन इतना जानती हूँ कि तुमलोग इसे प्यार नहीं कहेंगे। ’’
‘‘ कुछ भी कहो, इतना तो मालूम है कि वह प्यार था।’’ टैरी ने कहा, ‘‘ यह तुम्हें पागलपन लग सकता है, लेकिन यह सच है। अनेक प्रकार के लोग होते हैं , मेल ! हाँ, इतना तो है कि वह कभी-कभी पागलों जैसा व्यवहार करता था, पर ठीक है किंतु वह मुझे प्यार करता था । वह मुझे अपने तरीके से प्यार करता था। वह प्यार था-मेल, यह मत कहना कि वह प्यार नहीं था।’’
मेल ने गहरी साँस छोड़ी, अपने गिलास को हाथों में पकड़ते हुए लौरा और मेरी ओर घूमा, ‘‘ उस आदमी ने मुझे जान से मारने की धमकी दी । ’’, मेल ने कहा। अपनी ड्रिंक ख़त्म करने के बाद उसने फिर से जिन की बोतल की तरफ़ हाथ बढ़ाया। ‘‘टेरी, यह तो बड़ा रोमांटिक है। तुम-मुझे-मारो-और-मैं-तुम्हेें-प्यार-करूँगी, टेरी उस स्कूल से आती है । टेरी, तुम ऐसे मत देखो। ’’ मेल उठकर टेरी के पास गया और अपनी उंगलियों से उसके गालों को छुआ । उसे देख मुस्कुराया।
‘‘ अब वह समझौता करना चाहता है ।” टेरी ने कहा ।
‘‘ समझौता ।’’ मेल ने कहा, ’’सुलह करने जैसी क्या बात है, मैं जो जानता हूँ, वह सत्य है। ’’
‘‘ हम लोगों ने कैसे इस विषय पर बात शुरू कर दी। ” टेरी ने कहा । उसने अपना गिलास उठाया और पी लिया। ‘‘मेल के दिमाग में हमेशा प्यार रहता है, ’’ उसने कहा । ‘‘ है न , मेल ? ’’ उसने मुस्कुराया और मैंने समझा बात ख़त्म हो गई ।
‘‘ मैं ऐड के व्यवहार को प्यार नहीं कह सकता । बस मुझे इतना ही कहना है‘‘ मेल ने कहा, ‘‘तुमलोगों का क्या सोचना है ’’, मेल ने लौरा और मेरी तरफ़ देखते हुए कहा, ‘‘ क्या तुमलोगों को वह प्यार जैसा दिखता है।’’
‘‘ ऐसा पूछने के लिए मैं एकदम ग़लत आदमी हूँ ।’’ मैंने कहा , ’’ मैं तो उस आदमी को जानता तक नहीं ।’’ मैंने तो उसका नाम ऐसे ही सुना है । कैसे जान पाऊँगा, उसके लिए तो विशेष जानकारी की आवश्यकता होगी । लेकिन तुम निरपेक्ष प्यार के बारे में बात कर रहे हो । ’’
मेल ने कहा, ‘‘ मैं उस प्यार की बात कर रहा हूँ, ऐसे प्यार कि जिसमें लोगों की हत्या नहीं करनी पड़े।’’
लौरा ने कहा, ‘‘मैं ऐड के बारे में नहीं जानती और ख़ासकर उन परिस्थितियों के बारे में जिसमें वह था। ऐसी स्थिति में कौन निर्णय ले सकता है।’’
मैंने लौरा के हाथ को पीछे से छुआ । वह मुस्कुराई । मैंने लौरा का हाथ पकड़ा, वह गर्म था। नाखून करीने से पाॅलिश किए हुए थे। मैंने अपनी उंगलियों से उसकी चौड़ी कलाई को छुआ और उसे पकड़ लिया।
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‘‘जब मैं वहाँ से उसको छोड़ कर आई तो उसने चूहा मारने की दवा पी ली।’’, टेरी ने कहा । टेरी ने अपनी कलाइयों को ज़ोर से पकड़ लिया। ‘‘लोग उसे सांता फे के अस्पताल ले गए। हमलोग वहीं रहते थे । लगभग 20 मील दूर। उसकी जान बच गयी लेकिन उसके मसूड़े़ ख़राब हो गए। मेरा मतलब है कि अस्पताल में उसके मसूड़े़ निकालने पड़े । उसके बाद उसके दाँत साँप के दाँत जैसे दिखने लगे थे।’’, टेरी ने कहा । एक मिनट तक इंतज़ार करने के बाद उसने अपनी बाँह को छोड़ा और अपना गिलास उठा लिया।
‘‘ लेकिन ऐसा नहीं करना चाहिए था।” लौरा ने कहा।
‘‘ लेकिन वह अब कुछ नहीं कर सकता।’’ मेल ने कहा, ‘‘वह मर चुका है ।’’
मेल ने नींबू की प्लेट मेरी तरफ़ बढ़ा दी । मैंने एक टुकड़ा उठाया अपने ड्रिंक में निचोड़ लिया । अपने हाथों की उंगलियों से बर्फ़ के टुकडे़ को घुमाया।
‘‘ बहुत बुरा हुआ,’’ टेरी ने कहा, ‘‘ उसने अपने मुँह में गोली मार ली। लेकिन उसने वहाँ भी गड़बड़ की । बेचारा ऐड।’’, उसने कहा । टेरी ने अपना सिर हिलाया।
‘‘ वह बेचारा नहीं था ।’’, मेल ने कहा। ” वह ख़तरनाक था ।’’
मेल 45 साल का था । वह लम्बा था लेकिन अपने घुँघराले बालों से आवारा दिखता था। टेनिस खेलने के कारण उसके चेहरे और हाथ भूरे हो गए थे। जब वह गंभीर हुआ करता था तो उसके हाव-भाव और उसके चलने का तरीका संक्षिप्त और सजग होते थे।
‘‘ फिर भी वह प्यार करता था- मेल । तुम मान लो ‘‘ , टेरी ने कहा । ‘‘बस मैं इतना ही कह रही हूँ, । मुझे उस तरह से प्यार नहीं करता था जैसा तुम करते हो, मैं यह नहीं कह रही । लेकिन वह मुझे प्यार करता था, यह तो मानते हो ना। ’’
‘‘ तुम क्या कह रही हो, उसने गड़बड़ की है ?’’ मैंने कहा ।
लौरा अपना गिलास लिए आगे की तरफ़ झुकी । उसने अपनी कोहनी को टेबल पर रखा तथा दोनों हाथों से गिलास को पकड़ लिया। उसने मेल को देखा फिर टेरी की ओर नज़रें घुमायीं और अपने चेहरे पर आश्चर्य का भाव लिए इंतज़ार किया, मानो उसे विश्वास नहीं हो रहा हो जिनके साथ मित्रतापूर्वक रहते हैं उनके साथ ऐसा भी होता है।
‘‘ उसने अपने आप को मार डाला तो उसमें क्या गड़बड़ थी ?’’ मैंने कहा।
‘‘ मैं बताता हूँ, क्या हुआ था ।’’ , मेल ने कहा । ‘‘उसने अपनी 22 बोर की पिस्तौल निकाली जो उसने मुझे और टेरी को धमकाने के लिए ख़रीदा थी। मैं सही कह रहा हूँ, वह आदमी हमेशा धमकाता रहता था, आपने देखा होगा। हम उन दिनों ऐसे रह रहे थे, जैसे भगोड़े हों। मैंने तो एक बंदूक भी ख़रीदी, क्या तुम विश्वास कर सकते हो। मेरे जैसा व्यक्ति ? लेकिन मैंने ख़रीदी । अपनी आत्मरक्षा के लिए और उसे कैबिनेट में रखता था। कभी-कभी अपने घर को रात में ही छोड़ना पड़ता था जैसे कि अस्पताल जाने के लिए। तब टेरी और मैं शादी-शुदा नहीं थे। मेरी पहली पत्नी के पास अपना घर और बच्चे थे, पालतू कुत्ता और सब कुछ। उस समय मैं और टेरी इसी कम्पार्टमेंट में रह रहे थे । जैसा कि मैं बता रहा हूँ, कभी कभी आधी रात में कॅाल आते थे और 2 या 3 बजे रात में अस्पताल जाना पड़ता था। गाड़ियों की पार्किंग में अँधेरा रहता था और मैं कार में चढ़ने से पहले पसीने-पसीने हो जाता था। मैं नहीं जानता था कि कब वह झाड़ियों और कार के पीछे से निकल आए और गोली चलाना शुरू कर दे । मेरा मतलब है वह आदमी पागल था। वह बम भी बना सकता था। वह मुझे मेरी सेवाओं के लिए फ़ोन करता था, किसी भी समय और क करता था कि मुझे डाॅक्टर से बात करना है। जब मैं फ़ोन का उत्तर देता, तब वह मुझे कहता, ‘‘ कुत्ते के बच्चे, तुम्हारे दिन अब पूरे हो गए हैं। कुछ इस तरह से । यह पागलपन था मैं बता रहा हूँ ।’’
‘‘ मुझे फिर भी उसके लिए दुःख है ।’’, टेरी ने कहा ।
‘‘ एक दुस्वप्न की तरह था।’’ लौरा ने कहा, ‘‘ लेकिन जब उसने खुद को गोली मार ली तब क्या हुआ था ।’’
लौरा एक विधिक सचिव थी। हम लोग कार्य के सिलसिले में मिले थे। हमारी जानकारी में यह पहला प्रणय निवेदन था । वह 35 की थी तीन साल मुझसे छोटी। प्यार होने के अलावा हमलोग एक दूसरे को पसंद करते थे और एक दूसरे का साथ चाहते थे। वह सूकून में थी।
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‘‘ फिर क्या हुआ ।’’, लौरा ने कहा।
मेल ने कहा , ‘‘अपने कमरे में उसने अपने मुँह में गोली मार ली। किसी ने आवाज़ सुनी और मैनेजर को बताया। वे मास्टर चाबी के साथ आए, देखा कि क्या हुआ है और एम्बुलेंस को फ़ोन किया। मैं उस समय वहीं था जब उसे बाहर लाया गया । वह जिन्दा था और अंतिम साँसें गिन रहा था। वह था। मैंने ऐसा दृश्य पहले कभी नहीं देखा था और न ही देखना चाहूँगा। जब टेरी को जानकारी मिली, वह अंदर जाकर उसके साथ बैठना चाहती थी। इस बात को लेकर हमारे बीच झगड़ा भी हुआ। मैं नहीं चाहता था कि वह उसे इस हालत में देखे। उसने नहीं सोचा कि मुझे उससे मिलना चाहिए था और अभी मैं भी नहीं चाहता।
’’इस झगडे़ में जीत किसकी हुई ?’’ लौरा ने पूछा ।
‘‘ जब वह मरा तब मैं उसके साथ उसी कमरे में थी। वह कभी भी ठीक नहीं हुआ। मैं उसके साथ बैठी रही, साथ में कोई नहीं था ।’’, टेरी ने कहा ।
‘‘ वह ख़तरनाक था, फिर भी तुम उससे प्यार करती हो तो करो, तुम्हारी मर्जी ।’’, मेल ने कहा ।
’’ वह प्यार था’’, टेरी ने कहा , ‘‘ हाँ, यह ज़रूर था कि कुछ लोगों की नज़रों में वह असामान्य था लेकिन वह तो उसके लिए मरने तक तैयार था, और मर भी गया।’’
‘‘ मैं मानता हूँ कि कोई इसे प्यार नहीं कहेगा ।’’ मेल ने कहा, ‘‘ मेरा मतलब है कि कोई नहीं जानता कि उसने प्यार के लिए क्या किया ? मैंने अनेक आत्महत्याएं देखी हैं और मैं नहीं कह सकता कि कोई दूसरा भी जानता हो कि उसने ऐसा क्यों किया।’’
मेल ने अपनी गर्दन के पीछे की ओर हाथ रखते हुए अपनी कुर्सी को झुकाया । ‘‘इस प्रकार के प्यार में मेरी कोई रुचि नहीं है।’’, उसने कहा । ‘‘अगर वह प्यार है तो भगवान ही मालिक हैं।’’
टेरी ने कहा, ‘‘हमलोग डरे हुए थे, मेल ने तो अपना वसीयत भी बनवा ली थी और कैलीफोर्निया में रहने वाले अपने भाई को लिखा, जो एक ग्रीन बैरेट था। मेल ने उससे कहा था कि अगर उसे कुछ हो गया तो उस दशा में कौन क्या करेगा।’’
टेरी ने अपने गिलास से पीया और कहा । ‘‘ मेल सही है-हमलोग एक भगोडे़ की तरह रह रहे थे , हम डरे हुए थे, मेल भी डरा हुआ था। उसने तो एक समय पुलिस बुला ली थी, लेकिन उसने कोई मदद नहीं की। उन्होंने कहा था कि जब तक ऐड वास्तव में कुछ नहीं करता है वे भी कुछ नहीं कर सकते। क्या वह मज़ाक़ नहीं था ?’’ टेरी ने कहा ।
उसने बची-खुची जिन को गिलास में डाला और बोतल को हिलाया। मेल उठा और टेबल के पास जाकर दराज़ से दूसरी बोतल निकाली।
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‘‘ निक और हम जानते हैं कि प्यार क्या है,’’ लौरा ने कहा – ‘‘ ख़ासकर हमारे लिए ।’’ लौरा ने कहा। उसने अपने घुटने से मेरे घुटने पर मारा, ‘‘अब हमें कुछ कहना चाहिए” , लौरा ने कहा और मुस्कुराते हुए मेरी ओर देखा।
‘‘ जवाब में मैं लौरा का हाथ उठाकर अपने होंठों तक ले आया । उसके हाथों को चूमा, सब ख़ुश थे।
‘‘ हम भाग्यशाली हैं’’ , मैंने कहा ।
‘‘ तुम लोग मज़ाक़ बंद करो ’’, टेरी ने कहा, ‘‘ मुझे परेशान मत करो। तुम दोनों अभी भी हनीमून मना रहे हो। बेकार में चिढ़ाओ मत। अभी देखते हैं । थोड़ा इंतज़ार करो। तुम्हें एक साथ रहते हुए कितने दिन हुए ? एक साल या उससे ज़्यादा ।’’ लौरा ने कहा । शर्म से लाल होकर हँस रही थी।
‘‘ ठीक है, देखते हैं , कुछ दिन और इंतज़ार करो ’’, टेरी ने कहा। उसने अपना ड्रिंक उठाया और लौरा की तरफ़ देखा।
‘‘ मैं तो मज़ाक़ कर रही थी ।’’ टेरी ने कहा ।
मेल ने जिन की बोतल खोली और टेबल के चारों तरफ़ घूमते हुए कहा, ‘‘ क्या हमलोगों को टोस्ट लेना चाहिए,’’ मेल ने कहा, ‘‘ मैं एक टोस्ट का प्रस्ताव रखता हूँ । प्यार के लिए एक टोस्ट। सच्चे प्यार के लिए’’, मेल ने कहा ।
हमलोगों ने गिलास टकराये।
‘‘ प्यार के लिए ।’’ हमने कहा।
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बंगले के पीछे वाले अहाते में एक कुत्ते ने भौंकना शुरू किया । आसपेन की पत्तियाँ जो खिड़की से लगी हुई थीं, शीशे से टकराईं । दोपहर का सूरज उस कमरे के लिए एक वरदान था। इतना सुकूनदायक प्रकाश और इतनी प्रचुरता में। ऐसे माहौल में हम कहीं भी होते तो मंत्रमुग्ध होते। हमने अपने-अपने गिलास उठाए और खिसयानी मुस्कुराहट के साथ एक-दूसरे को देखा जैसे कि बच्चे किसी मना की हुई बात पर नहीं चाहते हुए भी एकमत हो गए हों ।
‘‘ मैं बताता हूँ सच्चा प्रेम क्या होता है ।’’, मेल ने कहा । “मेरा मतलब है, मैं एक अच्छा उदाहरण देता हूँ और तब तुम सभी अपना-अपना निष्कर्ष निकाल सकते हो ।’’ उसने अपने गिलास में थोड़ी और जिन उडे़ल ली और उसमें बर्फ़ के टुकडे़ के साथ थोड़ा-सा लाईम डाला। हम लोगों ने इंतज़ार किया और अपने-अपने घूँट गले के नीचे उतारे । लौरा और मैंने एक-दूसरे के घुटनों को फिर छुआ। मैंने उसकी जाँघों पर हाथ रखा और उसे वैसा ही रहने दिया।
‘‘ हम प्यार के बारे में वास्तव में क्या जानते हैं ?’’, मेल ने कहा । ‘‘ मुझे लगता है हमलोग प्यार के मामले में बच्चे हैं । हमलोग एक-दूसरे को प्यार करते हैं और करते भी हैं, मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है । मैं टेरी को प्यार करता हूँ और टेरी मुझे करती है और तुमलोग भी एक-दूसरे को प्यार करते हो। लेकिन मैं एक दूसरे प्रकार के प्यार की बात कर रहा हूँ । भौतिक प्यार और भावावेग जो किसी विशेष के प्रति आकर्षित करता है उसी प्रकार दूसरे व्यक्ति का अस्तित्व और दूसरे व्यक्ति की गंध भी । मांसल प्यार या भावनात्मक प्यार में हम एक-दूसरे का दैनिक रूप से ख़्याल रखते हैं । लेकिन कभी-कभी मेरे पास मुश्किल समय तब आता है जब यह लगता है कि मैंने अपनी पहली पत्नी को भी प्यार किया होता! मैंने किया। मैं जानता हूँ । इस मामले में मैं टेरी की तरह हूँ । टेरी और ऐड ।’’ उसने सोचा और फिर अपनी बातें जारी रखीं – ‘‘ एक समय ऐसा था जब मैं सोचा करता था कि जीवन से ज़्यादा अपनी पहली पत्नी को प्यार करता हूँ, लेकिन अब उससे नफ़रत करता हूँ। आप इसकी व्याख्या कैसे करेंगे ? उस प्यार का क्या हुआ, मैं इसे जानना चाहता हूँ । मैं चाहता हूँ कि कोई इसे बताए। अब ऐड को ही ले लीजिए। ठीक है हमलोग एक बार फिर ऐड पर आ गए। वह टेरी से इतना प्यार करता था कि वह उसे जान से मारना चाहता था और अंत में वह ख़ुद को मार बैठा। ’’ मेल ने बात करना बंद किया और अपना गिलास ख़ाली कर दिया। ‘‘ तुम दोनों 18 महीने से एक दूसरे के साथ हो और एक दूसरे से प्यार करते हो, यह दिखता भी है। बडे़ ख़ुश लगते हो तुम लोग। लेकिन तुम दोनों आपस में मिलने से पहले दूसरे लोगों को भी प्यार करते थे, तुम दोनों पहले से शादी-शुदा थे, जैसे कि हम हैं और संभव है उसके पहले भी तुम लोग दूसरे लोगों से भी प्यार करते होगे। टेरी और मैं पांच साल से एक साथ रह रहे हैं और चार साल से शादी-शुदा हैं और जो भयानक चीज़ है , हो सकता है वह अच्छी चीज़ भी हो । यदि मान लें कि हममें से किसी एक को कल कुछ हो जाता है। किंतु ऐसा कहने के लिए मुझे माफ करें । लेकिन केवल हममें से किसी एक को कुछ हो जाता है, तब मैं समझता हूँ कि हममें से दूसरा आदमी थोड़ी देर के लिए दुखी होगा और कुछ देर के बाद वह सब कुछ भूल कर फिर से प्यार करने लगेगा किसी और से। हमलोग जिस प्यार के बारे में बात कर रहे हैं वह बस याद के रूप में रहेगा, हो सकता है याद भी नहीं रहे। क्या मैं ग़लत हूँ, क्या मैं भटक गया हूँ यदि मैं ग़लत हूँ तो मुझे सुधार सकते हो। मैं जानना चाहता हूँ, मेरा मतलब है कि मैं नहीं जानता, लेकिन इसे स्वीकार करने वाला मैं पहला व्यक्ति था।’’
‘‘ मेल, भगवान के लिए ।’’ टेरी ने कहा । वह उठी और उसकी कलाइयाँ पकड़ लीं। ‘‘क्या तुम्हें नशा हो रहा है या तुम नशे में हो ।’’
‘‘ हनी, मैं केवल बता रहा हूँ’’, मेल ने कहा – ‘‘न, न ठीक है । मैं जो सोचता हूँ उसे कहने के लिए मुझे पीने की ज़रूरत नहीं है । मेरा मतलब है हमलोग बातें कर रहे हैं, है कि नहीं ?’’, मेल ने कहा। उसने अपनी नज़रें उस पर गड़ा दीं ।
‘‘मैं तुम्हारी आलोचना नहीं कर रही हूँ’’, टेरी ने कहा । उसने अपना गिलास उठाया।
‘‘ मैं आज कॅाल पर नहीं हूँ- मेल ने कहा, ‘‘ मैं याद दिलाना चाता हूँ कि आज मैं ख़ाली हूँ ।’’, मेल ने कहा ।
‘‘मेल, हम तुम्हें प्यार करते हैं ।’’, लौरा ने कहा।
मेल ने लौरा की ओर देखा । उसकी ओर कुछ ऐसे देखा जैसे कि वह वो औरत नहीं जो थी।
‘‘ तुम्हें भी प्यार, लौरा।’’ मेल ने कहा, ‘‘और निक तुमको भी प्यार। तुम जानते हो’’ – मेल ने कहा, ‘‘तुम लोग हमारे दोस्त हो ।’’ मेल ने कहा ।
उसने अपना गिलास उठा लिया।
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मेल ने कहा, ‘‘ मैं तुम्हें एक चीज़ के बारे में बताने जा रहा हूँ, मेरा मतलब है कि मैं एक चीज़ साबित करना चाहता हूँ । ऐसा कुछ महीने पहले हुआ था लेकिन यह अभी भी हो रहा है, इस समय भी और यह हमको शर्मिंदगी महसूस करने पर विवश कर सकता है तब जब हम कुछ ऐसी बातें करते हैं जैसा कि तुम जानते हो कि हम प्यार के बारे में क्या बात कर रहे हैं ।’’
‘‘ अब बस भी करो ।’’, टेरी ने कहा, ‘‘तुम इस तरह से बात मत करो कि लगे कि तुम नशे में हो जबकि तुम वास्तव में नशे में नहीं हो।’’
‘‘ अपने जीवन में एक बार ख़ामोश हो जाओ,’’ मेल ने शांतिपूर्वक कहा। ‘‘ क्या तुम अपना एक मिनट दोगी ? तो मैं कह रहा था कि एक बार एक बूढे़ दम्पति बाहर जा रहे थे । उनकी कार का एक्सीडेंट हो गया । एक बच्चे ने उन्हें टक्कर मारी और वे बिखर गए। अब कोई भी उन्हें संभालने को तैयार नहीं था । टेरी ने हमलोगों की तरफ़ देखा फिर मेल की ओर देखा। वह बहुत बैचेन हो रही थी । हो सकता है कि उसके लिए यह कुछ ज़्यादा ही कह दिया हो।
मेल सबकी तरफ़ बोतल बढ़ा रहा था।
‘‘ उस रात मैं फ़ोन पर था- मेल ने कहा, ‘‘वह मई या जून का महीना होगा। टेरी और मैं डिनर के लिए बैठे ही थे कि अस्पताल से फ़ोन आया । एक घटना हुई थी। नशे में धुत एक लड़के ने अपनी पिता की पिकअप गाड़ी से उस बूढे़ दम्पति की गाड़ी को टक्कर मार दी । वे दम्पति लगभग सत्तर साल के होंगे। वह लड़का अट्ठारह – उन्नीस साल का था – वह मर चुका था । उसकी छाती में स्टेयरिंग धँस गई थी। वृद्ध दम्पति जीवित थे । वे बुरी तरह घायल थे । अनेक जगह से हड्डियाँ टूटी थीं । आंतरिक घाव थे । ख़ून बह रहा था । भीतरी चोट गहरी थी । लगभग पंगु हो चुके थे। दोनों को मस्तिष्क में आघात पहुँचा था । उनकी हालत बहुत ख़राब थी और उस पर उनकी उम्र उनके विरुद्ध थी। मेरे हिसाब से वृद्धा अपने पति से ज़्यादा घायल थी, तिली सहित सारे अंग फट गए थे । घुटने टूटे हुए थे लेकिन उन्होंने सीटबेल्ट बाँध रखी थी। भगवान जाने , शायद इसी कारण से वे बच गए थे। ’’
‘‘ दोस्तो, शायद यह नेशनल सेफ्टी काउंसिल के लिए विज्ञापन है ।’’, टेरी ने कहा । ‘‘ ये तुम्हारे प्रवक्ता हैं डॅाक्टर मेलबीन मैकगिनिस ।’’ टेरी हँसी, ‘‘मेल ।’’ उसने कहा, ‘‘कभी-कभी तुम हद कर देते हो, किंतु मैं तुमसे प्यार करती हूँ।’’, उसने कहा ।
‘‘मैं तुम से प्यार करता हूँ’’, मेल ने कहा ।
वह टेबल के दूसरी ओर झुका, टेरी भी आधी झुकी । उन्होंने किस किया।
‘‘टेरी ठीक कहती है ।’’, अपने को संभालते हुए मेल ने कहा, ‘‘ सीटबेल्ट बाँध लो, वे अधेड़ व्यक्ति निश्चित ही सुरक्षित थे। जब तक मैं वहाँ पहुँचा लड़का मर चुका था। जैसा कि मैंने कहा वह एक कोने में पड़ा हुआ था। मैंने एक नज़र उस बूढे़ दम्पति की ओर डाली और नर्स से कहा कि जल्दी से जल्दी हड्डी के डाक्टर और न्यूरोलाजिस्ट के अलावा एक दो सर्जन भेजो।’’
उसने जिन पी । ‘‘मैं इस घटना को संक्षेप में बताने की कोशिश करूँगा, ’’ उसने कहा।
‘‘हम लोग उस वृद्ध दम्पति को ऑपरेशन थिएटर में ले गए और रात भर काम करते रहे। पता नहीं उन दोनों के पास कुछ ऐसी अविश्वसनीय शक्ति थी जिसे अभी आप एक मिनट में देख सकते हैं । तो हमलोगों ने वह सब कुछ किया जो कर सकते थे। सुबह होते-होते हमारा मानना था कि उनके जीवित रहने की संभावना पचास प्रतिशत होगी। अगले दिन दोनों जीवित थे । हमलोगों ने उन दोनों को गहन चिकित्सा कक्ष में भर्ती किया। उन्हें अलग-अलग दो सप्ताह के लिए रखा गया और निरंतर हर मायने में वे दुरुस्त होते गए । उसके बाद हमलोगों ने उनको अपने कमरे में भेज दिया।’’
मेल ने बोलना बंद कर दिया । ‘‘इस सस्ती जिन को पीते हैं । इसके बाद हमलोग सीधे रात का भोजन करेंगे। टेरी और हम एक नई जगह को जानते हैं जहाँ हमलोग चलेंगे। लेकिन तब तक नहीं जाएंगे जब तक हमलोग इस फालतू जिन को ख़त्म नहीं कर देते। ’’
टेरी ने कहा, ‘‘ हमलोगों ने अभी तक वहाँ खाया नहीं है लेकिन जगह बाहर से अच्छी दिखती है।’’
‘‘ मुझे भोजन पसंद है ।’’ मेल ने कहा, ‘‘ अगर मुझे जीवन फिर शुरू करना होता तब मैं एक बावर्ची होता, ठीक है टेरी ?’’, मेल ने कहा।
वह हँसा, उंगलियों से गिलास में पड़ी बर्फ़ को टटोला।
‘‘ टेरी तुम जानती हो’’, उसने कहा, ‘‘ यदि मैं दुबारा अगले जन्म में आ पाता तो उस समय मैं एक सामंत की तरह आता। तुम सारे शरीर में कवच पहन कर सुरक्षित होते , एक सामंत की तरह। तब तक रहना अच्छा होता जब तक कि बंदूक, पिस्तौल अस्तित्व में नहीं आए होते।
‘‘ मेल, क्या तुम बरछा लिए घुड़सवारी करना पसंद करोगे ?’’, टेरी ने कहा ।
‘‘ अपने साथ औरतों का एक स्कार्फ रखा करो’’, लौरा ने कहा ।
‘‘ या फिर एक औरत ?’’, मेल ने कहा ।
‘‘ तुम्हें शर्म आनी चाहिए ।’’लौरा ने कहा ।
टेरी ने कहा, ‘‘ कल्पना करो कि तुम वापस एक दास की तरह आते। उन दिनों दासों का जीवन इतना अच्छा नहीं होता था ।’’
‘‘ दासों को अच्छा कभी नहीं मिला । ’’, मेल ने कहा । “मेरा अनुमान है कि सामंत भी दूसरों के जरिया होते थे और कुछ इसी तरह काम होता था । लेकिन तब हर व्यक्ति एक दूसरे का माध्यम हुआ करता था। यह सही है, टेरी ? लेकिन सामंतों का उनकी औरतों के अलावा उनके बारे में जो मुझे पसंद है वह उनके कवच का सूट है जिसके कारण उनको आसानी से नुकसान नहीं पहुँचाया जा सकता था। उस ज़माने में कोई कार नहीं हुआ करती थी। और कोई नशे में धुत कोई किशोर जो आपको टक्कर मार दे ।’’
*
‘‘जरिया नहीं , जागीरदार’’, टेरी ने कहा।
‘‘ क्या ?’’, मेल ने कहा ।
‘‘जागीरदार ,’’ टेरी ने कहा, ‘‘उनको जागीरदार कहा जाता था जरिया या जहाज नहीं।’’
‘‘जागीरदार, जहाज’’ मेल ने कहा, ‘‘क्या फ़र्क़ पड़ता है। तुम जानती हो कि मैंने क्या कहा, इतना पर्याप्त है’’। मेल ने कहा, ‘‘मैं पढ़ा-लिखा नहीं हूँ। मैंने ख़ुद ही अपने आप से सीखा है। मैं एक हृदय सर्जन हूँ । मात्र एक मैकेनिक । जहाँ मैं जाता हूँ जो भी मिलता हैं, उसे ठीक करता हूँ।’’
‘‘विनम्रता तुम्हें आती नहीं है ।’’, टेरी ने कहा ।
‘‘ वह एक सर्जन मात्र है’’, मैंने कहा , ‘‘ किंतु कभी-कभी उनको इस तरह के परिधानों में घुटन होती होगी, मेल । यदि कवच के भीतर बहुत गरमी हो और वे जल्दी थक कर चूर हो जाते हों तब उनको तो दिल का दौरा भी पड़ जाता होगा। । मैंने कहीं पढ़ा है कि वे कवच सहित अपने घोड़ों से गिर जाते थे और थके होने के कारण उठ नहीं पाते थे और वे अपने ही घोड़ों द्वारा कुचल दिए जाते थे।’’
‘‘ यह तो भयानक है, ’’ मेल ने कहा, ‘‘ यह तो भयानक चीज़ है, निक्की। मुझे लगता है वे तब तक वहीं पडे़ रहते होंगे जब तक कोई आता और उनका कबाब बना डालता।’’
‘‘ कोई दूसरा सामंत ?’’, टेरी ने कहा ।
‘‘ बिल्कुल ठीक ।’’, मेल ने कहा, ‘‘ क्योंकि दूसरे सामंत आते और प्यार के नाम का अपना भाला घुसेड़ देते। कितनी व्यर्थ चीज़ है पर वे लड़ाइयाँ लड़ते थे , उन दिनों।’’
‘‘ बिल्कुल इसी तरह जैसे कि आज हमलोग लड़ते हैं ।’’ , टेरी ने कहा ।
लौरा ने कहा, ‘‘ कुछ भी बदला नहीं है ।’’
लौरा के गालों का रंग वैसा ही था । उसकी आँखों में चमक थी । उसने अपना गिलास होंठो से लगाया। मेल ने अपनी ड्रिंक खुद बनायी । वह जिन के लेबल को ध्यान से पढ़ रहा था मानों वह संख्याओं की पंक्तियाँ हों। उसके बाद उसने बोतल को टेबल पर रखा और पौष्टिक पानी की ओर हाथ बढ़ाया।
*
‘‘उन बूढ़े दम्पति का क्या हुआ ?’’, लौरा ने कहा । ‘‘ तुमने वह कहानी ख़त्म नहीं की जो शुरू की थी ।’’
लौरा अपनी सिगरेट जलाने के लिए संघर्ष कर रही थी, उसकी तीलियाँ बुझ-बुझ जा रही थीं ।
कमरे का प्रकाश अब बदल गया था । धीरे-धीरे वह क्षीण होता जा रहा था। लेकिन खिड़की के बाहर पत्तियाँ अभी भी चमक रही थीं। मैंने खिड़की के काँच और प्लास्टिक के काउंटर पर बन रही आकृतियों की ओर देखा, अब उनका वह स्वरूप नहीं था।
‘‘ उस वृद्ध दम्पति का क्या हुआ ?’’, मैंने पूछा ।
‘‘ वे वृद्ध, किंतु बुद्धिमान थे। ’’, टेरी ने कहा ।
मेल ने उसकी तरफ़ घूरा।
टेरी ने कहा, ‘‘अपनी कहानी जारी रखो, मैं तो मज़ाक़ कर रही थी। उसके बाद क्या हुआ ? प्लीज मेल ।’’
टेरी ने कहा–‘‘ हमेशा इतना गंभीर मत रहो, क्या तुम्हें मज़ाक़ पसंद नहीं ?’’
‘‘ कौन-सा मज़ाक़ ?’’ मेल ने कहा ।
उसने गिलास को अपने हाथों में ज़ोर से पकड़ा और अपनी पत्नी की तरफ़ घूरता रहा।
‘‘ क्या हुआ ? ’’ लौरा ने कहा
मेल ने अपनी नज़रें लौरा पर गड़ा दीं। उसने कहा, ” लौरा, यदि मेरे पास टेरी नहीं होती और यदि मैं उससे इतना ज़्यादा प्यार नहीं करता और उसका सबसे अच्छा दोस्त नहीं होता तब मुझे तुमसे प्यार हो गया होता। तुम्हारे साथ मैं रह रहा होता ।’’मेल ने कहा ।
‘‘ अपनी कहानी बताओ ।’’ टेरी ने कहा – ‘‘ तब हमलोग उस नई जगह पर जाएंगे, ठीक है।’’
मेल ने कहा, ‘‘ ठीक है, तो मैं कहाँ था, ।’’ उसने टेरी को घूरा और कहानी शुरू की।
‘‘ मैं रोज़ उन्हें देखने जाया करता था और कभी-कभी दिन में दो बार भी , जब मैं फ़ोन पर नहीं होता था। वे दोनों सिर से लेकर पाँव तक बैंडेज में लिपटे थे जैसा कि तुम लोगों ने फ़िल्मों में देखा होगा । ठीक उसी तरह वे दिखते थे मानों वे किसी फ़िल्म के पात्र हों। ऊपर से केवल कान, नाक और मुँह के छेद दिखई पड़ते थे। वृद्धा का पैर ऊपर की ओर बँधा था जो लटक रहा था। पति काफ़ी देर तक अवसादग्रस्त रहा। यह जानने के बावजूद कि उसकी पत्नी बच गयी थी, फिर भी वह अवसादग्रस्त था । दुर्घटना के बारे में नहीं । मेरा मतलब है दुर्घटना एक बार हुई थी लेकिन वही सब कुछ नहीं था। मैं उसके मुँह के छेद के पास जाता तो वह कहता कि दुर्घटना नहीं बल्कि वह आँखों की छेदों से अपनी पत्नी को देख नहीं सकता था । यही कारण था कि वह इतना बुरा अनुभव कर रहा था। क्या तुम कल्पना कर सकती हो जो मैं कह रहा हूँ। उसका दिल बैठा जा रहा था सिर्फ़ इसलिए कि वह अपना सिर घुमा नहीं सकता था और अपनी पत्नी को देख नहीं सकता था।’’
मेल ने टेबल के चारों ओर देखा । अपना सिर हिलाया और आगे जो वह कहने जा रहा था ।
‘‘ मेरा मतलब है वह बूढ़ा आदमी हवा तक नहीं छोड़ पा रहा था क्योंकि वह उस बूढ़ी औरत को देख नहीं पा रहा था ।’’
हम सबने मेल की ओर देखा।
‘‘तुम लोग सुन रहे हो मैं क्या कह रहा हूँ ।’’ उसने कहा।
*
तब तक हमलोग नशे में आ चुके थे, मैं जानता था कि अब चीज़ों पर ध्यान देना कठिन हो रहा था। कमरे से प्रकाश धीरे-धीरे ग़ायब हो रहा था । खिड़कियों से प्रकाश वापस जा रहा था जहाँ से वह आया था । इसके बावजूद कोई अपनी जगह से हिला नहीं कि लाईट ऑन कर दे।
‘‘ सुनो’’, मेल ने कहा, ‘‘चलो इस जिन को ख़त्म करें, एक घूंट के लिए अभी पर्याप्त बची हुई है, उसके बाद हमलोग खाने चलेंगे, उस नई जगह पर । ’’
‘‘ तुम अवसाद में हो’’, टेरी ने कहा। ‘‘ तुम कोई टेबलेट क्यों नहीं ले लेते ? ’’
मेल ने ना में अपना सिर हिलाया, ‘‘म्ने सब कुछ ले लिया है।’’
‘‘ हम लोगों को अक्सर टेबलेट की ज़रूरत पड़ती है।’’ मैंने कहा ।
‘‘ कुछ लोग जन्मजात उसके आदी होते हैं ।’’ टेरी ने कहा ।
वह अपनी उंगलियों से टेबल पर किसी चीज़ को खुरच रही थी, उसने खुरचना बंद किया।
‘‘ मैं अपने बच्चों को फ़ोन करना चाहता हूँ ।’’ मेल ने कहा, ‘‘किसी को कोई परेशानी तो नहीं है, मैं बच्चों को फ़ोन करूँगा।’’
टेरी ने कहा, ‘‘ यदि फ़ोन का उत्तर मारजोरी दे तो, क्यों तुमलोगों ने मारजोरी के बारे में सुना है? मेल, तुम मारजोरी से बात नहीं करना चाहते हो, इसलिए तुम्हें बुरा लगेगा।’’
‘‘ मैं मारजोरी से बात नहीं करना चाहता हूँ । ’’, मेल ने कहा , ‘‘ किंतु मैं अपने बच्चों से बात करना चाहता हूँ ।’’
‘‘ एक दिन भी ऐसा नहीं बीतता जब मेल यह नहीं कहता हो कि वह चाहता है कि वह फिर से शादी करेगी, अन्यथा वह मर जाएगी ।’’ टेरी ने कहा । ‘‘एक बात तो है । वह हमें दिवालिया बना रही है। मेल कहता है कि वह सिर्फ़ उसका विरोध करने के लिए शादी नहीं करेगी। उसके पास उसका ब्वायफ्रेंड है और वह उसी के साथ रहती है । तो इस तरह मेल उसके ब्वायफ्रेंड को भी पालता है।’’
‘‘उसको मधुमक्खियों से एलर्जी है ।’’, मेल ने कहा । “अगर मैं प्रार्थना नहीं करे होता तो वह अब तक शादी कर चुकी होती, मैं तो इसके लिए चाहता हूँ कि मधुमक्खियों का झुंड उसे डंक मार दे और वह मर जाए।’’
‘‘ तुम्हें शर्म आनी चाहिए ।’’ लौरा ने कहा ।
‘‘ भन्न-भन्न’’ अपनी उंगलियों को मधुमक्खियों की तरह बनाते हुए टेरी के गले की ओर भन्न-भन्न करते हुए मेल ने कहा । फिर उसने अपना हाथ नीचे कर लिया ।
‘‘ वह दुष्ट है ’’, मेल ने कहा ,‘‘ कभी-कभी लगता है कि मैं मधुमक्खी वाली ड्रेस पहनकर उसके पास जाऊँ, वहीं हेलमेट की तरह टोपी और वहाँ से लटकती हुए प्लेटें जो चेहरे तक आती हैं, बडे़-बडे़ दस्ताने और फोम से भरा हुआ कोट। मैं दरवाज़े पर दस्तक दूँगा और उसके घर में मधुमक्खियों का छत्ता छोड़ दूँगा लेकिन इसके पहले यह ध्यान रखूँगा कि बच्चे घर के बाहर हों।’’
वह अपना पैर एक-दूसरे पर रख कर बैठ गया। ऐसा लगा कि ऐसा करने के लिए उसे बहुत समय लगा। फिर वह दोनों पैरों को फर्श पर रख कोहनियों को टेबल पर रखते हुए अपने दोनों हाथों की हथेलियों के बीच में अपनी ठुड्डी रख ली।
‘‘ मैं बच्चों को फ़ोन नहीं कर सकता, हो सकता है कि यह इतना ज़रूरी नहीं हो। हमलोग खाने चलें, ठीक है ना। ’’
‘‘हाँ, मेरे लिए ठीक है,’’ मैंने कहा ,‘‘खाओ या नहीं खाओ या पीते रहो, मैं बाहर सूर्यास्त तक घूमता रहूँगा।’’
‘‘ इसका क्या मतलब है ।’’ लौरा ने पूछा ।
‘‘यही, इसका अर्थ यही है जो मैंने कहा।’’
‘‘ इसका मतलब है कि मैं ऐसे ही रहूँगा । बस इतना ही।’’
‘‘मैं ख़ुद कुछ खा सकती हूँ ’’, लौरा ने कहा , ‘‘ मुझे नहीं लगता कि जीवन में कभी इतनी जज़्यादा भूख लगी थी । क्या अभी कुछ खाने के लिए है ?’’
‘‘मैं कुछ पनीर और क्रैकर्स लाती हूँ ।’’टेरी ने कहा ।
लेकिन टेरी बैठी ही रही । वह कुछ लाने के लिए उठी नहीं।
मेल ने अपना गिलास ख़ाली कर दिया । उसने जिन को टेबल पर छलका दिया ।
‘‘ जिन ख़त्म हो गई ।’’ मेल ने कहा ।
टेरी ने कहा- ‘‘अब क्या ?’’
मैं अपने दिल की धड़कनें सुन रहा था । प्रत्येक के दिल की धड़कनें सुन सकता था। मैं वहाँ बैठे तीनों आदमियों की आवाज़ें सुन सकता था और हममें से कोई हिल नहीं रहा था । तब भी जब पूरा कमरा अँधेरे से भर गया था।
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अशोक शाह:
कथाकार के रूप में मशहूर अशोक शाह का
बिहार के सीवान में जन्म
आई.आई.टी कानपुर से 1987 में सिविल इंजिनियरिंग में स्नातक । आई.आई.टी, दिल्ली से 1989 में स्वायल मेकानिक्स एवं फाउन्डेशन में स्नातकोतर तथा इग्नू से 2024 में हिेदी साहित्य में स्नातकोतर की उपाधि प्राप्त की।
एक वर्ष तक आप भारतीय रेलवे इन्जिनियरिंग सेवा में रहे । 1990 में आपने भारतीय प्रशासनिक सेवा में पदार्पण किया। तैंतीस बरसों की सघन सेवा के पश्चात 2023 में सेवानिवृत्त ।
आपके अट्ठारह काव्य संग्रह, उर्दू में पहली किताब उफ़क़ के पार , अजोर कथा संग्रह,कालिदास की डाल – निबंध संग्रह प्रकाशित हैं।
पुरातत्व पर आपकी अंग्रेजी में तीन पुस्तकें 1. The Grandeur of Granite:The Temples of Vyas Bhadora(2012), 2. Vintage Bhopal (2010), 3. Ashapuri, The Cradle of Paramara and Pratihara Art, Temples Unveiled (2014)
दर्शन एवं अध्यात्म: Total Eternal Reflection वर्ष 2016 में प्रकाशित हैं। मध्य प्रदेश की जनजातियों के जीवन, परम्परा, बोलियों, लोक कथाओं, लोकगीतों एवं संस्कृति के संरक्षण पर आधारित 17 से अधिक पुस्तकों का संपादन।
सूत्र सम्मान और शमशेर सम्मान से सम्मानित।
सम्पर्क : HIG&2 425, अरविंद विहार, बागमुगालिया, भोपाल-462043.
ई-मेलः ashokshah7@ymail.com
मो.: 9981816311
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