मलय जैन समकालीन व्यंग्य लेखन के महत्त्वपूर्ण रचनाकार हैं । आप किसी व्यक्ति पर नहीं वरन् उन स्थितियों पर प्रहार करते हैं जो विसंगतियों का मूल हैं। आपके व्यंग्य सीधे- सरल दीखते हैं लेकिन उनकी धार मारक है। इस सरलता…
रश्मि शर्मा समकालीन कहानी का एक ज़रूरी नाम हैं। आपकी कहानियां जीवन का पर्याय हैं अर्थात आप जीवन को जो जैसा दीख रहा है , उसे नहीं बल्कि उसके पीछे के अदृश्य जीवन को जो वास्तविक सच्चा जीवन होता है…
डाॅ. तबस्सुम बेग़म हिंदी आलोचना का एक युवा नाम है। आपने हैदराबाद विश्ववविद्यालय से पीएच -डी की उपाधि प्राप्त की। कई काॅलेजों में अध्पापन के साथ आप मौलाना आज़ाद नेशनल उर्दू विश्वविद्यालय के दूरस्थ शिक्षा निदेशालयों में अतिथि प्राध्यापिका रहीं।…
“नकारती हूं निर्वासन” प्रभा मुजुमदार लिखित कविता संग्रह मनुष्य के भाव जगत, सामाजिक अंतर्विरोधों, सांस्कृतिक एवं राजनीतिक विघटनकारी शक्तियों को विश्लेषित कर उन महत्वपूर्ण बिंदुओं पर दृष्टिपात करता है जिनका संज्ञान लिए बिना एक सुखद समाज और लोकतांत्रिक मूल्यों को…
श्रुति कुशवाहा के काव्य संग्रह ‘ सुख को भी दुख होता है’ को तोलस्तोय के अन्ना कारेनिना उपन्यास की इस पंक्ति के आलोक में देखें कि ‘सभी ख़ुशहाल परिवार एक जैसे होते हैं और हर दुखी परिवार अपने तरीके से…
