-अनिल जनविजय बीसवीं सदी के चौथे दशक के अन्त में मसक्वा (मास्को) में एक वयोवृद्ध महिला…
विधाएँ
-वैभव सिंह गैब्रियल गार्सिया मार्खेज कोलंबिया के नोबल पुरस्कार प्राप्त लेखक थे जिनका विगत 17 अप्रैल…
कहानी कर्नल अजय सिंह, अपार्टमेंट के जाने-पहचाने चेहरा थे। उनके सिर पर जमी रहने वाली टोपी, बिलाते…
अकाल और संघर्ष लेखक- हेनरी त्रोयत – अनुवाद – रूपसिंह चन्देल ’दि क्रुट्जर सोनाटा’ के विस्फोट के…
मूल अँग्रेज़ी से अनुवाद : अनिल जनविजय 1. नया जीवन ज्वार के समय खड़ा था उस…
1 तेरा पड़ोस (किसी भी बच्चे के लिए) तेरे जन्म के वक्त जितना ज़रूरी था मां…
1. अघोषित विश्वयुद्ध दिशाओं के पोर-पोर में अपूर्व भय का सन्नाटा नियति की तरह, दिखाई कुछ…
1. टक्कर मैं भूल रहा हूँ रास्ते, पगडंडियां तारीखें, तीज, त्योहार मिले हुए लोगों के चेहरे बहुत…
मूल रूसी से अनुवाद : अनिल जनविजय पहली नज़र में यह बात बेहद अजीब और कृत्रिम लग…
1862 का एक दिन। अगस्त का महीना। मसक्वा (मास्को) के क्रेमलिन में स्थित एक भवन। इस…
